सकारात्मक सोच
मेडीकल साइंस की भाषा में SNS सिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम का शार्ट फार्म है। SNS हार्ट रेट व ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है, खून की नलियों को सकरा करता है। जब हम चिंता ग्रस्त होते हैं, डरे हुए होते हैं, निराश होते हैं तो SNS की स्थिति में होते हैं। जैसे कि हम मन में सोच लें कि हमारी बीमारी ठीक नहीं होगी तब SNS अपना प्रभाव दिखाता है। आपकी बीमारी को ठीक नहीं होने देता। दवा भी पूरा असर नहीं करती है। इसका विलोम शब्द PSNS यानी पेरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम है जो SNS के प्रभाव को उलटी दिशा में मोड़ देता है। आपकी बीमारी तेजी से ठीक होती है। इसीलिए कहा जाता है कि पॉजिटिव सोच रखें। इसीलिए कहा जाता है डॉक्टर को दिखा देने मात्र से आधी बीमारी ठीक हो जाती है। क्योंकि हमारी सोच कहती है कि अब हम ठीक होने जा रहे हैं। तो कोई भी बीमारी हो मन में विश्वास रखें कि भगवान का बनाया सुरक्षा तंत्र उससे निपट लेगा। इसी विश्वास जिसे हम विल पॉवर भी कह सकते हैं जिसके चलते कई लोग गंभीर व असाध्य रोगों पर भी विजय प्राप्त कर लेते हैं। मैं कोई मेडीकल विशेषज्ञ नहीं हूँ इसलिए इस संदेश में कोई टेक्नीकल खामी न ढूंढ कर पसंद करना चाहें तो करें। गूगल सर्च में भी मिलेगा। सोर्स मटेरियल एक डॉक्टर से बात पर आधारित।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें