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यंत्र पूजा

 यंत्र पूजा एक फेसबुक के मित्र में पुरानी कार को टा टा बाय बाय करते हुए नई नवेली कार ली। फिर मंदिर जाकर उसकी विधिवत पूजा भी करवाई। मन में विचार आया कि जब गाड़ी के बीमा का हर साल नवीनीकरण होता है तो उसी तर्ज पर कार की पूजा भी हर बार साल में एक बार होनी चाहिए। आखिर एक बार की पूजा में इतनी कितनी ताकत होगी कि कार के खटारा होने तक प्रभावी रहे।  मेरी मानिए हर बार जब बीमे का नवीनीकरण करवाओ कार की पूजा भी करवा लो। यदि इस उपाय को लोग अपनाएं तो वाहन दुर्घटनाओं में भारी कमी आ जाएगी।

मजदूर दिवस

मजदूर दिवस पर सभी मेहनतकश इंसानों के लिए तालियां। उन्हें गरीबी या अमीरी की तराजू में नहीं तोला जाना चाहिए। गरीब यदि अपने स्टेटस से खुश है, आत्मसम्मान से जी रहा है तो उसे बेचारा समझने का हमें क्या हक है। वह रोज कमाता रोज खाता है। नहीं मिलता तो आराम से भूखा सोकर फलाहार रहित सौ टका शुद्ध उपवास कर लेता है और कल की चिंता से दूर रात मीठी नींद सोता है। किसी को वजन उठवाना तो तो वह मजदूर की मिन्नत करता है कि उस काम को कर दे। बताइए उस वक्त बेचारा कौन हुआ।  दूसरी और अनेक अमीर हैं जो पूरे दिन  मानसिक के साथ हाड़ तोड़ शारीरिक श्रम भी करते हैं वह भी अपने लिए नहीं बल्कि दूसरों के लिए, देश के लिए, वे भी किसी मजदूर से कम नहीं। किसी कंपनी का वाइस प्रेसीडेंट पत्नी के आदेश पर यदि किचन में स्टूल पर खड़ा होकर ऊपरी केबिनेट से दाल का कनस्तर उतार रहा है तो वह भी तो उस पल मजदूरी ही तो कर रहा है।  स्त्री शक्ति तो मानो मजदूरी करने के लिए ही जन्म लेती है। महत्वपूर्ण बात यह है कि अपवाद को छोड़ दें जहां इनपर ज्यादतियां हुई, उन्होंने अपने इस स्टेटस के प्रति मन में असंतोष नहीं रखा और परिवार की गाड़ी का द...
 ठेकेदार नहीं एक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट कल दिनांक 2 मई यानि 1 मई मजदूर दिवस को सलामी देने के पश्चात श्री रामनारायण कुमावत ठेकेदार असमय देवलोक गमन कर गए। आप एक सिविल कांट्रेक्टर थे तथा उन्होंने अपने जीवन में कई बड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट किए थे। उत्तम क्वालिटी का काम तथा अबाधित सेवा देना उनकी विशेषता थी।  मैं उनके संपर्क में 1998 में आया जब उन्होंने इंद्रप्रस्थ चौराहे पर स्थित लाभगंगा बिल्डिंग का कार्य अपने हाथों में लिया। कम्प्यूटर प्रोफेशनल के रूप में अपने करिअर के उतार के समय इसी समय मैंने एडमिनिस्ट्रेशन व प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में प्रवेश किया। रामनारायण जी के साथ मैंने अपने इस पहले प्रोजेक्ट को समय, गुणवत्ता व लागत की दृष्टि से इतने बेहतर तरीके से पूर्ण किया की मुझे अपनी कंपनी सुवि इंफरमेशन सिस्टम ने बेस्ट सुवियन ऑफ़ द ईयर का अवार्ड तथा एक माह का वेतन दिया। उसके बाद मैने कंपनी तथा नई दुनिया के लिए अनेकों ड्रीम प्रोजेक्ट किए जिनमें रामनारायण जी या उनका परिवार सहभागी रहा। मुझ कम्प्यूटर के ए सी रूम में बैठने वाले व्यक्ति को खुले आसमान और धूप में साईट पर काम देखने, गुमटी ...

आह! वो गर्मियों की छुट्टियां।

आह! वो गर्मियों की छुट्टियां  घर से निकल कर सौ मीटर दूर मेडिकल स्टोर तक गया की तेज धूप और गर्मी से जान निकल गई। तभी देखा की एक मां अपनी पांच छः वर्ष की थकी हुई नन्हीं सी जान को छतरी की छाया में घर लेकर जा रही थी। वहीं दूसरी और एक पिता अपनी बाइक पर दो पस्त लग रहे नन्हें बच्चों को कोचिंग से निकाल कर घर ले जा रहा था। मुझे याद आए बचपन के वे दिन जब मार्च अप्रैल में परीक्षा होते ही बस्ता किसी कोने या टांड़ पर और पूरे दो ढाई महीने बस खाना, पीना, खेलना, कूदना, घूमना, नाना मामा के यहां छुट्टियां मनाने जाना। जिंदगी का आनंद आ जाता था।  अपने दिन भूलकर अब हम कितने क्रूर गए हैं की अपने जिगर् के  टुकड़ों को जरा सा चेन नहीं लेने देते। तिस पर भी मैने ऐसे मां बाप देखे हैं जो पढ़ने के लिए या कम नंबर लाने के लिए बच्चे को कचोटते ही रहते हैं। पर यह n सोचिएगा की आपको इस अपराध की माफ़ी मिल जाएगी।  गर्मियों की दो माह की छुट्टियों को नाना मामा दादा दादी भाई बहनों के साथ बिताकर बच्चा जो संस्कार पाता था वे संस्कार उसे नही मिल रहे। बड़ा होकर जब वह अपनी गृहस्थी दूर कहीं अलग बसा ले और आपको अपने जी...

विवाह की 45 वीं वर्षगांठ

 आज 19 मई मेरे जीवन का महत्वपूर्ण दिन है। आज मेरी और मेरी प्रिय पत्नी निर्मला के शुभ विवाह की तारीख है। आज ही मेरे जीवन के एक पहिए का साथ देने के लिए दूसरा मिला।  यदि  यह तारीख  मिस हो जाती तो फिर  पता नहीं कितनी तारीख पर तारीख मिलती।  सर्व प्रथम मेरी और से उन सभी सुखी जीवन बिता रहे दंपत्तियों को विवाह की वर्षगांठ की शुभकामनाएं जो आज की ही तारीख को फेरे लेकर दाम्पत्य जीवन के फेर में पड़े थे। उनमें से एक मेरे भांजे पंकज मोदी सीहोर, कार्यालयीन साथी संजय वर्मा तथा सिक्योरिटी कांट्रेक्टर राजेश तथा फेब्रीकेशन कांट्रेक्टर विवेक भाले जी हैं।   सुखी दांपत्य जीवन के कई मंत्र है जो इस क्षेत्र के विद्वान लोग बताते रहते हैं। उनमें से मुझे जो समझ आया वह यह है कि जीवन में ठेले की तरह दो के स्थान पर चार पहिए हो तो वह अधिक भार उठा सकता है, सुगमता से बिना लुढ़के या फिसले आगे बढ़ता रह सकता है। पति पत्नी तो जीवन के दो पहिए हैं ही पर वे दूसरे दो पहिए पति और पत्नी के परिवार होते हैं। यदि इस दोनों परिवारों का सहयोग, समर्थन, प्यार और आशीर्वाद मिले तो सुखद दांपत्य जीवन क...
 अखबार के मुख पृष्ठ पर पंचायत आज दिनांक 20 मई 2022 के नईदुनिया समाचार पत्र के मुख पृष्ठ ने अलसुबह चौंका दिया। शीर्षक ’ पंचायत स्पेशल एडिशन’ देखकर प्रथमदृष्टया लगा कि चूंकि पंचायत चुनाव आ रहे हैं इसलिए अखबार का कोई नया (सुखद) प्रयोग है। सामान्यतः मेरी आदत सीधे तीसरे पृष्ठ पर कूदने की होती है क्योंकि पहले दो पृष्ठ फुल पेज विज्ञापन होते हैं जो 70 पार इंसान के किसी काम के नहीं होते।  पृष्ठ को रोचक खबरों से सजाया गया है जो किसी ग्राम पंचायत का प्रमोशन लग रही थी। मुख्य खबर की बोल्ड हेडलाइंस ’फुलेरा को लगी पांच नई आंखें’ मजेदार लगी। ऐसा महसूस हो रहा था की मानो किसी बच्चे को एक दिन के लिए संपादक बना दिया गया हो। अखबार के प्रति सम्मान के भाव रिसने लगे। एक एक खबर को गौर से पढ़ा और उसका आनंद लिया।  खबरों में से बस एक विज्ञापन था जिससे असहमति हुई। वह थी एक ग्रेजुएट लड़की के लिए वर की तलाश। गांव की नब्ज देखने में यहां त्रुटि हो गई। विज्ञापन लड़के की और से होना चाहिए था जो भूसे के ढेर में सुई की तरह लड़की की तलाश कर रहा हो। आज की स्थिति यह है कि कोई लड़की गांव में विवाह कर बसना नहीं चा...